क्रिप्टोकरंसी और ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी क्या हैं? What Is Cryptocurrency And Blockchain Technology

दोस्तों,  क्रिप्टो करेंसी और ब्लाकचैन Cryptocurrency and Blockchain आज के समय का वित्तीय बाज़ार का सबसे हॉट टॉपिक हैं ! आज हम जानेंगे की क्रिप्टो आखिर क्या बला हैं और यह किस तकनीक पर काम करती हैं?

Blockchain Kya hain? CCP cryptocurrencypandit.com Darsh Chaurasia
Blockchain Kya hain?

दोस्तों, इसे जानने के लिए पहले हमें थोडा करेंसी अर्थात मुद्रा का कंसेप्ट समझना पड़ेगा!

एक वक्त था जब दुनिया में कोई भी Currency नही थी बस वस्तुओं के बदले चीजों का लेन देन होता था. उसके बाद नोट और सिक्के चलन में आये और आज यही हमारी मुख्य करेंसी है !

दुनिया में बड़े देशो में जो सामान्य करेंसी चलन में हैं वो निम्न हैं –

Country NameCurrency NameCurrency Code
CanadaCanadian DollarCAD
FranceEuroEUR
GermanyEuroEUR
IndiaRupeeINR
ItalyEuroEUR
JapanJapanese YenJPY
RussiaRoubleRUB
United KingdomPound SterlingGBP
United States of AmericaUS DollarUSD

ऊपर दी हुई Currencies का पूर्णतः नियत्रण सम्बन्धित देशो की मुद्रा नियामक संस्थान का होता हैं अर्थात सामान्य मुद्रा का नियंत्रण सम्बन्धित सरकार के हाथ में होता हैं इसलिए इसे केंद्रीयकृत मुद्रा भी कहा जाता हैं !

CryptoCurrency Pandit दुनिया की बड़ी Currencies के नाम और लोगो  Blockchain Kya hai
दुनिया की बड़ी Currencies के नाम और लोगो

Crypto Currency को Digital currency भी कहा जाता है, जिसे Decentralized system से प्रबंधित किया जाता है. इन Currencies में Cryptography का इस्तेमाल  होता है. यह एक Peer to Peer Electronic System होता है जो computer algorithm पर बनी है, मतलब कि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है. यह सिर्फ Digits के रूप में online रहती है

Crypto currency के पूरी तरह से Decentralized अर्थात विकेन्द्रीकृत होने के कारण इस पर किसी भी सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, इनके ऊपर कोई भी Agency या सरकार या कोई Board का अधिकार नहीं होता, जिसके चलते इसके मूल्य को नियमित नहीं किया जा सकता हैं

Blockchain Technology क्या है

एक ब्लॉकचेन एक वितरित (Distributed) डेटाबेस है जिसे कंप्यूटर नेटवर्क के नोड्स के बीच साझा किया जाता है। एक डेटाबेस के रूप में, एक ब्लॉकचेन डिजिटल रूप में इलेक्ट्रॉनिक रूप से जानकारी संग्रहीत करता है।

एक सामान्य डेटाबेस और एक ब्लॉकचेन के बीच महत्वपूर्ण अंतर यह है कि डेटा को कैसे संरचित (Structured) किया जाता है।

एक ब्लॉकचैन समूहों में एक साथ जानकारी एकत्र करता है, जिसे ब्लॉक के रूप में जाना जाता है, जिसमें सूचनाओं का सेट होता है। ब्लॉकों में कुछ भंडारण क्षमताएं होती हैं और जब भरे जाते हैं, तो बंद हो जाते हैं और पहले से भरे हुए ब्लॉक से जुड़े होते हैं, जिससे ब्लॉकचैन नामक डेटा की एक श्रृंखला बनती है। उस नए जोड़े गए ब्लॉक के बाद आने वाली सभी नई जानकारी को एक नए बने ब्लॉक में संकलित किया जाता है जिसे एक बार भरने के बाद श्रृंखला में भी जोड़ा जाएगा।

एक डेटाबेस आमतौर पर अपने डेटा को तालिकाओं में संरचित करता है,

जबकि एक ब्लॉकचेन, जैसा कि इसके नाम का तात्पर्य है, अपने डेटा को एक साथ बंधे हुए टुकड़ों (ब्लॉकों) में संरचित करता है। विकेंद्रीकृत प्रकृति में लागू होने पर यह डेटा संरचना स्वाभाविक रूप से डेटा की अपरिवर्तनीय समय रेखा (Unchangeable Time Line) बनाती है। जब कोई ब्लॉक भर जाता है, तो यह इस समय रेखा का हिस्सा बन जाता है। सीरीज में प्रत्येक ब्लॉक को सीरीज में जोड़े जाने पर एक सटीक समय टिकट (Time Stamp) दिया जाता है।

Blockchain Technology kaise Kam karti hain?
ब्लॉकचैन तकनीक कैसे काम करती हैं? CCP Cryptocurrencypandit.com
Blockchain Technology kaise Kam karti hain?

ब्लाकचेन तकनीक का उपयोग मुख्यतः क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में किया जाता हैं पर यह भविष्य की तकनीक हैं और इसका उपयोग आने वाले समय में बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं, Logistics आपूर्ति चैन, प्रॉपर्टी रिकार्ड्स , स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स , ऑनलाइन गेम्स, मतदान आदि क्षेत्रो में बढ़ चढ़ कर होने की सम्भावना हैं । Cryptocurrency and Blockchain

Blockchain Technology ke Vibhinn Upyog
ब्लॉकचैन तकनीक के विभिन्न उपयोग CryptoCurrencyPundit
Blockchain Technology ke Vibhinn Upyog

ब्लाकचैन का अविष्कार किसने किया ?

ब्लाकचैन तकनीक का सबसे पहले जिक्र स्टुअर्ट हैबेर (Stuart Haber) और W. Scot Stornetta, दो गणितज्ञो ने किया था. जो यह चाहते थे की कोई ऐसी प्रणाली हो जहा लेन देन को इलेक्ट्रानिकली रिकॉर्ड किया जा सकता हो और उसे Time Stamp दिया जा सकता हो जिसमे किसी भी तरह से परिवर्तन या बदलाव नहीं नहीं किया जा सकता हो।

Stuart Haber and Scott Stornetta First Blockchain Developers Early Proponents of Blockchain
Stuart Haber and Scott Stornetta

ब्लॉकचैन को आमजन में किसने लोकप्रिय किया? Who popularised Cryptocurrency and Blockchain ?

ब्लॉकचेन तकनीक को आमजन में लोकप्रिय बनाने का श्रेय सातोशी नाकामोतो को जाता हैं यह एक व्यक्ति का नाम हो सकता हैं अथवा लोगों का समूह भी हो सकता हैं क्युकी इनकी वास्तविक आइडेंटिटी अभी भी अज्ञात ही हैं सातोशी नाकामोतो द्वारा 2008 में क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन को सार्वजनिक लेनदेन खाता के रूप आरम्भ किया गया था ।

Anonymous Satoshi Nakamoto Bitcoin’s Founder  Statue Unveiled in Budapest Hindi बुडापेस्ट सातोशी नाकामोतो
Anonymous Satoshi Nakamoto

बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी का सिर्फ एक उदाहरण है; अन्य क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क भी ब्लॉकचेन तकनीक द्वारा संचालित होते हैं

Bitcoin ब्लॉकचेन में जो डेटा रहता है दरअसल उस डेटा में ट्रांजैक्शन की डीटेल्स होती हैं. सेंडर, रीसिवर और अकाउंट जैसी जानकारियां इसमें दर्ज रहती हैं.

आपके पैसे को बैंक बाजार में निवेश करता है और पैसे कमाता है. अगर सरकार चाहे तो आपके हाथ में रखा 2000 का नोट अवैध हो जाएगा. इन्हीं सब वजहों से ब्लॉकचेन बेस्ड Bitcoin का आईडिया सतोशी नाकामोतो ने पब्लिश किया था.

Bitcoin में किए गए ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड किसी एक पास नहीं, बल्कि लाखों कंप्यूटर्स में जाता है और ये एन्क्रिप्टेड होता है।

जैसे बैंक में उसके सभी कस्टमर्स का डेटा होता है. यानी किस शख्स के अकाउंट  कितना पैसा है. लेकिन Bitcoin की बात करे तो यहां ब्लॉकचेन में ऐसा नहीं है।

यहां किसी एक के पास सभी की डीटेल्स नहीं है, बल्कि सभी के पास हर किसी की डीटेल्स है.

उदाहरण के तौर पर आप चार मित्र हैं और एक दूसरे को Bitcoin में भुगतान कर रहे हैं. अगर आपके पास 1 Bitcoin बचा है तो ऐसे में ये तथ्य सभी ब्लॉकचेन कनेक्टेड यूजर्स के पास होगी. आप जैसे ही 2 बिटकोइन भेजना चाहेंगे ट्रांजैक्शन असफल हो जाएगा

सभी के पास आपका लेज़र होने का ये मतलब नहीं है कि सभी को आपका नाम और पता मालूम है. क्योंकि आपकी पर्सनल डीटेल्स एन्क्रिप्टेड होती है और आपकी एक डिजिटल आईडेंटिटी तैयार होती है जो आपसे लिंक तो होती है, लेकिन इसमें छेड़ छाड़ करना अंसभव है. यानी किसी को ये नहीं पता होगा कि आप कौन हैं, आप कहां रहते आपके पास कितने पैसे हैं।

Bitcoin ट्रांजैक्शन कैसे होता है?

Bitcoin नेटवर्क के सभी यूजर्स के पास पब्लिक की और प्राइवेट की होता है. पब्लिक की एक अड्रेस है जो इस नेटवर्क के सभी यूजर्स को पता है यानी ये पब्लिक है. ये एक ईमेल अड्रेस की तरह ही होता है. प्राइवेट की सिर्फ आपको पता होगा और इसे आप पिन या तरह भी समझ सकते हैं. किसी को बिट क्वाइन ट्रांसफर करने के लिए पब्लिक की की जरूरत होती है. ठीक वैसे ही जैसे NEFT/RTGS या IMPS से पैसे ट्रांसफर करने के लिए बैंक Details जैसे अकाउंट नंबर IFSC इत्यादि की जरूरत होती है


क्रिप्टोकरंसी और ब्लाकचैन (Cryptocurrency and Blockchain) के तीन सबसे महत्वपूर्ण भाग है Blocks, Miners, Nodes

ब्लॉक

जैसा की आपको पता है Blockchain में कई सारे Block से मिलकर बना होता है जिनमे डाटा इकट्ठा होता है, हर Block का एक अलग hash नंबर होता है जो की पिछले ब्लाक से जुडा हुआ होता है और ये hash तब बनता है जब कोई लेन देन होती है।

Mining

Mining Software से हम bitcoin के transaction को process करते है तथा उसे confirm भी किया जाता है. ये Miners इसलिए काम करते हैं क्यूंकि वे अगर इस Transaction को complete कर दें तो उन्हें users से Transaction Fees मिलती है जल्द Transaction Processing के लिए. Bitcoin miners कभी भी ठग नहीं सकते अपने फीस और reward बढाकर या कोई नकली transaction को प्रोसेस कर, ऐसा इसलिए क्यूंकि अगर कोई ऐसा करना चाहे तब ये Bitcoin Network को corrupt कर देगा, और Bitcoin Nodes reject कर देती है ऐसे Block जिसमे invalid डाटा हो. इसीलिए Bitcoin Network secure होता है।

Nodes

इस खाता बुक को Nodes मेन्टेन रखते है जो कि एक तरह से कंप्यूटर होते है जो पुरे नेटवर्क को आपस में जोड़ कर रखते है. ब्लॉकचेन में इसी तरह की कई सारे Node होते है और हर Node के पास ब्लॉकचेन की कॉपी होती है. Nodes नेटवर्क में जो भी लेन देन या जो भी गतिविधि होती है उसको Verify करते है और नेटवर्क में अपडेट करते है, अगर उनको ऐसा लगता है की किसी प्रकार की गलत गतिविधि या लेन देन हुई है तो सभी Node मिलकर उसको रद्द कर देते है।

प्राइवेट और पब्लिक ब्लाकचैन में क्या अंतर हैं ?

एक सार्वजनिक ब्लॉकचेन, जिसे एक खुले या बिना अनुमति वाले (Permission-Less) ब्लॉकचेन के रूप में भी जाना जाता है, वह है जहां कोई भी स्वतंत्र रूप से नेटवर्क में शामिल हो सकता है और एक नोड स्थापित कर सकता है। इसकी खुली प्रकृति के कारण, इन ब्लॉकचेन को क्रिप्टोग्राफी और काम के सबूत (पीओडब्ल्यू) जैसी आम सहमति प्रणाली से सुरक्षित होती हैं

दूसरी ओर, एक निजी या अनुमति प्राप्त (Permissioned) ब्लॉकचेन को शामिल होने से पहले प्रत्येक नोड को अनुमोदित करने की आवश्यकता होती है। चूंकि नोड्स को विश्वसनीय माना जाता है, इसलिए सुरक्षा की परतों को उतना मजबूत होने की आवश्यकता नहीं है।

हमें उम्मीद है आपको ब्लॉकचेन के बारे में काफी कुछ पता चला होगा की Blockchain Technology क्या है? कैसे काम करती है? परन्तु अगर आपको फिर भी कोई सवाल पूछना हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है. हमें आपके सवालों का उत्तर देने में ख़ुशी होगी.

आप सभी पाठकों से प्रार्थना है की आप लोग इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की सबको जागरूकता होगी और इससे बहुत लाभ होगा. हमें आप लोगों के सहयोग की आवश्यकता है जिससे हम और नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सके.

हमारा हमेशा से यही कोशिश रहा है की हम हमेशा अपने पाठकों का हर तरफ से सहायता करे, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी शंका है तो आप हमें बेझिझक पूछ सकते हैं. हम जरुर उनका हल देने की कोशिश करेंगे। धन्यवाद।


1 thought on “क्रिप्टोकरंसी और ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी क्या हैं? What Is Cryptocurrency And Blockchain Technology”

  1. With having so much High quality content and articles do
    you ever run into any problems of plagiarism or copyright infringement?
    I see you have covered this topic extensively.
    I am new to crypto but you make it easy for me to understand.

    Thanks!

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