क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट का दिखने लगा असर, इन कंपनियों ने सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

दोस्तों, क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट से निवेशकों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं, अब इसकी गाज उन कंपनी के कर्मचारियों पर गिरने लगी है, जो क्रिप्टोकरेंसी के लिए काम करती हैं। जी हां, ऐसी ही कुछ खबरें सामने आई है, जिन्हें यहाँ विस्तार से दिया जा रहा हैं।

सारांश

  • BlockFi और Crypto.com ने सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
  • अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस (Coinbase) अपने 18 फीसदी स्टाफ यानी करीब 1,100 लोगों को नौकरी से निकाल रही है ।
  • क्रिप्टोकरेंसी लेंडिंग प्लेटफॉर्म Celsius Network ने 150 कर्मचारियों की छंटनी की है. यह इसके कर्मचारियों की संख्या का एक चौथाई है.
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के क्रिप्टो एक्सचेंज BitOasis ने बताया है कि उसने मंदी के कारण अपने कुछ एंप्लॉयीज को हटाया है.

कॉइनबेस ने 1100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस (Coinbase) ने भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या तीन गुना करने का टारगेट सेट किया था। लेकिन पिछले दो महीने में कंपनी ने आठ फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस अमेरिकी कंपनी ने अप्रैल में अपनी एक्सचेंज सर्विसेज को लॉन्च किया था।

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इससे पहले कंपनी के फाउंडर और सीईओ ब्रायन आर्मस्ट्रॉन्ग (Brian Armstrong) ने कहा था कि कंपनी

अपने 18 फीसदी स्टाफ यानी करीब 1,100 लोगों को निकाल रही है। लगातार बदतर हो रही मैक्रो-इकॉनमिक कंडीशंस के बीच उसे यह फैसला लेना पड़ रहा हैं।

भारत में कंपनी के वाइस प्रेजिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग पंकज गुप्ता ने बुधवार को एक ट्वीट में इसकी पुष्टि की कि भारत में 8% स्टाफ को निकाला गया है। उन्होंने कहा कि

पूरी दुनिया में कंपनी के स्टाफ में करीब 18% की कमी की गई है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है। हालांकि भारत में ग्लोबल एवरेज से कम लोगों को निकाला गया है। इस फैसले से भारत में हमारी 8% टीम प्रभावित हुई है। गुप्ता ने कहा कि मौजूदा मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद भारत कंपनी के टॉप प्रायोरिटीज मार्केट्स में शामिल है।

यह भी समाचार हैं कि क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट से कॉइनबेस ने नई भर्ती को भी रोक दिया है और, उम्मीदवारों से स्वीकृत प्रस्तावों (Accepted Offers ) को भी रद्द कर दिया है

BlockFi और Crypto.com ने क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट के कारण सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

BlockFI में कर्मचारियों की छटनी

ब्लॉकचेन ट्रेडिंग और लेंडिंग प्लेटफॉर्म (BlockFi) ने सोमवार को एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से बताया कि वह अपने 850 कर्मचारियों में से 20 प्रतिशत कर्मचारियों को निकालने वाला है। इसका मतबल है कि कंपनी लगभग 170 से 200 लोगों की छंटनी कर रहा है।

दरअसल, BlockFi के सीईओ जैक प्रिंस ने ट्विटर पर एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कर्मचारियों को कंपनी से निकालने की बात कही थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि छंटनी की वजह वृहद आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव है। ब्लॉकफाई कंपनी के इस फैसले से यह समझा जा सकता है कि क्रिप्टोकरेंसीज के लिए काम करने वाली कंपनियों की हालत खस्ता हो चुकी है। कंपनियां घाटे में जा रही हैं, जिसके कारण उन्हें मैनपावर में कमी करनी पड़ रही है।

Crypto.com में छटनी

Crypto.com ने घोषणा की कि वह लगभग 260 कर्मचारियों को निकाल रही है। इन कर्मचारियों की संख्या का कंपनी का लगभग 5 प्रतिशत है। कंपनी के सीईओ क्रिस मार्सज़ेलक ने एक ट्वीट कर इसकी पुष्टि की है। खबरों के मुताबिक क्रिप्टो डॉट कॉम ने अपने 5 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी के सीईओ क्रिस मार्सलेक ने भी इस बात की पुष्टि कर  दी है।

इन कंपनियों की हालत इतनी खराब हो गई कि छंटनी के लिए स्टैंडर्ड प्रक्रिया अपनाने के बजाय कई कंपनियों ने तो सोशल मीडिया पर ही अपने कर्मियों को बाहर करने की सूचना जारी कर दी। ब्लॉकफाई और क्रिप्टो डॉट कॉम जैसी कंपनियों ने भी ऐसा ही किया है।

क्रिप्टो लेंडिंग प्लेटफॉर्म सेल्सियस ने 150 कर्मचारियों की छंटनी की

क्रिप्टोकरंसी लेंडिंग प्लेटफॉर्म सेल्सियस ने 150 कर्मचारियों की छंटनी की है, जो कि इसके कर्मचारियों की संख्या का एक चौथाई है, क्योंकि वैश्विक क्रिप्टो बाजार अपने सबसे खराब मंदी के दौर से गुजर रहा है।

Celsius ने एक ब्लॉगपोस्ट में लिखा,

“हम ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और जितनी जल्दी हो सके लिक्विडिटी और ऑपरेशन को स्थिर करने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि कम्यूनिटी के साथ अधिक जानकारी साझा की किया जा सके.”

इसमें आगे कहा गया है,

“हम पूरी कम्यूनिटी और सभी ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं. क्योंकि हमें इन दिनों काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.”

BitOasis ने भी हटाया कर्मचारियों को

 BitOasis की शुरुआत लगभग सात वर्ष पहले दुबई में हुई थी और यह खाड़ी देशों के कस्टमर्स को सर्विसेज देता है. इसके प्रवक्ता ने कहा कि वर्कफोर्स को लगभग 5 प्रतिशत घटाया गया है. BitOasis के CEO और को-फाउंडर Ola Doudin ने एक ईमेल में बताया, “दुबई, अबु धाबी और अम्मान के ऑफिस से एंप्लॉयीज को हटाया गया है.” 

पिछले महीने, क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज वॉल्ड (VAULD) ने क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट के बाद अपने स्टाफ को लगभग 30% कम करने का फैसला किया।

सिंगापुर स्थित एक्सचेंज बायबिट ने भी 2,000 कर्मचारियों की छंटनी किया है

क्रिप्टोकरेंसी के प्रति निवेशकों का रुझान निचले स्तर पर

अग्रणी रिसर्च संस्था ग्लोबलडाटा ने अपने कंपनी कंपनी फाइलिंग एनालिटिक्स डाटाबेस के आधार पर बताया कि सात जुलाई, 2022 को विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी के प्रति बिजनेस सेंटिमेंट में इस वर्ष की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल-जून, 2022 के दौरान पहली तिमाही के मुकाबले करीब 8% की गिरावट आई है। क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट इसका मुख्य कारण हैं

ग्लोबल डाटा का कहना है कि बीते वर्ष चौथी तिमाही यानी अक्टूबरर-दिसंबर, 2021 से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर निवेशकों का रुझान निचले स्तर पर है। अपने शोध में ग्लोबल डाटा ने दुनियाभर में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध 34,000 से अधिक कंपनियों की फाइलिंग का विश्लेषण किया।

ग्लोबलडाटा में बिजनेस फंडामेंटल एनालिस्ट रिनाल्डो परेरा का इस बारे में कहना था कि हाल के दिनों में क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों को खासा नुकसान हुआ है। इस बाजार में अस्थिरता बहुत अधिक रही है, जिसके कारण कीमतों में काफी गिरावट आई है। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कंपनियों का मनोबल 12 महीनों के निचले स्तर पर चला गया है। निवेशकों को महंगाई की चिंता सता रही है। महंगाई और बढ़ती ब्याज दरों के कारण ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कंपनियां अभी इस बाजार से दूर ही रहेंगी।

भारत में टीडीएस लगना हुआ शुरू तो क्रिप्टो में घटी लोगों की दिलचस्पी, भारत में 87 फीसदी तक कम हुआ कारोबार 

क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से जुड़े देश के तीन बड़े एक्सचेंजों जिनमें ZebPay, WazirX और CoinDCX शामिल हैं ने क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन में आई गिरावट की पुष्टि की है। इन एक्सचेंजों की ओर से कहा गया है कि क्रिप्टो के कारोबार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण देश में 1 जुलाई 2022 से लागू होने वाले टैक्स के नए नियम हैं।

तीनों एक्सचेंज की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जुलाई महीने में क्रिप्टो के डेली वॉल्यूम में 60 से 87 फीसदी तक की कमी देखने को मिली है। आपको बता दें कि बीते एक जुलाई से क्रिप्टोकरेंसी के लिए किए जाने वाले लेनदेन पर सरकार की ओर से एक प्रतिशत TDS लगाने का प्रावधान कर दिया गया है। इसके बाद से घरेलू क्रिप्टोनिवेशकों की दिलचस्पी इसमें घटने लगी है। अन्य एक्सचेंज CoinGecko और Giottus ने भी ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ी गिरावट की बात कही है। 

WazirX के वाइस प्रेसिडेंट राजागोपाल मेनने ने क्रिप्टो के रोजाना कारोबार में आई गिरावट पर कहा है कि लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले कारोबारी अब भी खरीद-बिक्री कर रहे हैं पर मार्केट मेकर्स और हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स कारोबार में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वे लगभग बाजार से गायब ही हैं। मेनने के मुताबिक ज्यादातर ट्रेडर्स पीयर-टू-पीयर ट्रेडिंग पर भरोसा कर रहे हैं। वे कारोबार के लिए तथाकथित विक्रेंद्रीकृत एक्सचेंजों (Decentralized Exchanges) का रुख कर रहे हैं। 

आपको बता दें कि इस साल फरवरी महीने में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसीज में निवेश करने वाले मुनाफे पर 30 फीसदी का टैक्स वसूला जाएगा, जबकि क्रिप्टोकरेंसी के लिए किए गए हर लेनदेन पर 1 प्रतिशत TDS भी देय होगा।

क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार

हाल के दिनों में क्रिप्टो मार्केट में काफी गिरावट आई है। दुनिया की सबसे बड़ी, सबसे लोकप्रिय और सबसे पुरानी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) में भारी गिरावट आई है। सोमवार को इसमें 15 फीसदी से अधिक गिरावट आई जबकि मंगलवार को भी यह 5.4 फीसदी गिर गई। क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स (WazirX) के मुताबिक आज भी बिटकॉइन की कीमत में आठ फीसदी से अधिक गिरावट आई है। इसकी कीमत 21 हजार डॉलर रह गई है। अमेरिका में महंगाई बढ़ने से क्रिप्टोकरेंसीज की कीमत प्रभावित हुई है।

क्या हैं कारण

आपको बता दें कि कोरोना महामारी शुरू होने के बाद भी क्रिप्टोकरेंसी में लगातार उछाल देखा जा रहा था, जिसके बाद क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन या क्रिप्टो के लिए काम करने वाली कंपनियां लगातार कर्मचारियों को हायर कर रही थी, लेकिन क्रिप्टोकरेंसीज में आई रिकॉर्ड गिरावट से कंपनियों को भारी नुकसान हुआ। निवेशकों और कंपनियों की हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में कंपनियां अब कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही हैं।

इसका मुख्य कारण है महंगाई की उच्च दर, जिसके कारण नेटफ्लिक्स, टेस्ला और मेटा जैसी बड़ी कंपनियों ने भी अपने मैनपावर में कटौती की है। कई बड़ी कंपनियों ने पिछले 1-2 महीने में कुछ फीसद कर्मचारियों को निकाल दिया है। अमेरिका जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भी महंगाई से जूझ रहा है। श्रीलंका, पाकिस्तान जैसे कई देश आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

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2 thoughts on “क्रिप्टोकरंसी बाज़ार में गिरावट का दिखने लगा असर, इन कंपनियों ने सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला”

    • जी सुजोय जी , हमारी नज़र में यह बहुत ही सही समय हैं मार्केट में Enter होने का BTC अपना बॉटम छूने वाला हैं उसके बाद बड़े बुल रन की सम्भावना हैं !

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